शिक्षा और एकता से ही मिटेगी पसमांदगी – मौलाना अब्दुर रकीब रहमानी

जामताड़ा : करमाटांड़ प्रखंड के नावाडीह स्थित मदरसा मिफ्ताहु उलूम में एक भव्य और ऐतिहासिक तालीमी बेदारी कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया, जिसमें इलाके के हजारों लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। यह कार्यक्रम न सिर्फ दीनी बल्कि सामाजिक और शैक्षिक जागरूकता का भी एक मजबूत मंच साबित हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ऑल इंडिया पसमांदा उलेमा बोर्ड के राष्ट्रीय प्रवक्ता मौलाना अब्दुर रकीब रहमानी थे, जिन्होंने अपने ओजस्वी और प्रेरणादायक संबोधन में पसमांदा समाज के हालात पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पसमांदा समाज की पसमांदगी को दूर करने का सिर्फ एक ही रास्ता है — शिक्षा और एकता।
उन्होंने आगे कहा कि अब समय आ गया है कि पसमांदा मुसलमान नींद से जागें, अपने बच्चों को अच्छी और आधुनिक शिक्षा दिलाएं और समाज में अपनी पहचान मजबूत करें।
मौलाना रहमानी ने जोर देकर कहा कि अगर हम अपने आने वाली नस्लों को तालीम से नहीं जोड़ेंगे, तो हम हमेशा पिछड़े ही रहेंगे। तालीम ही वह चिराग है जो अंधेरे को रोशनी में बदल सकता है।
इस मौके पर गोड्डा के पूर्व सांसद फुरकान अंसारी ने भी शिरकत की और अपने संबोधन में शिक्षा के महत्व को विस्तार से रखा। उन्होंने कहा कि जब तक हम अपने बच्चों को आला और जदीद तालीम नहीं देंगे, तब तक पसमांदगी खत्म नहीं होगी। इस्लाम ने कभी भी मॉडर्न शिक्षा से मना नहीं किया है, बल्कि इल्म हासिल करना हर मुसलमान पर फर्ज है।
उन्होंने समाज से अपील की कि वे अपने बच्चों को डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक और प्रशासनिक अधिकारी बनाने का लक्ष्य रखें।
वहीं मधुपुर के पूर्व डिप्टी चेयरमैन जिया उल हक उर्फ टार्जन ने भी अपने संबोधन में सामाजिक एकता और जागरूकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समाज को आपसी मतभेद भुलाकर शिक्षा और तरक्की के रास्ते पर चलना होगा।
कॉन्फ्रेंस में कई उलेमा-ए-कराम और बुद्धिजीवियों ने भी अपने विचार रखे और समाज को तालीम की ओर अग्रसर होने का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान इलाकाई लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला और बड़ी संख्या में युवाओं ने इसमें भाग लिया।
कार्यक्रम की खास बातें:
हजारों की संख्या में लोगों की मौजूदगी
तालीम और एकता पर जोर
पसमांदा समाज के उत्थान के लिए ठोस संदेश
युवाओं को शिक्षा की ओर प्रेरित करने की पहल
अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया और यह संकल्प लिया कि इस तरह के कार्यक्रम आगे भी आयोजित किए जाएंगे ताकि समाज में शिक्षा और जागरूकता का विस्तार हो सके।

Author

Ethesham